सीबीएसई का एलान, 10वीं के अंग्रेजी के पेपर से विवादित प्रश्न निरस्त, सभी छात्रों को मिलेंगे पूरे अंक
नेशनल डेस्क: सीबीएसई (CBSE) ने सोमवार को 10वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा से एक ‘कॉम्प्रिहेंशन पैसेज’ और उससे जुड़े प्रश्नों को हटा दिया है। साथ ही छात्रों को इसके लिए पूरे अंक देने का फैसला किया। कथित तौर पर लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने और प्रतिगामी धारणाओं का समर्थन करने वाले प्रश्नों को लेकर विवाद के बाद बोर्ड ने यह कदम उठाया है। इन प्रश्नों को लेकर ट्विटर पर लोगों ने सीबीएसई पर निशाना साधा था। सोनिया गांधी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा, 'मैं सरकार का ध्यान गत 11 दिसंबर को सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षा के एक प्रश्नपत्र में आए एक अप्रिय और प्रतिगामी सोच वाले अपठित गद्यांश को लेकर देशभर में उपजे आक्रोश की ओर दिलाना चाहती हूं'। सोनिया गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए और उक्त प्रश्नपत्र को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसा कभी नहीं हो। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एसबीएसई) ने रविवार को इस मामले को विषय विशेषज्ञों के पास भेजा था और उनसे प्रतिक्रिया मांगी थी। शनिवार को आयोजित 10वीं की परीक्षा में प्रश्नपत्र में 'महिलाओं की मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को समाप्त कर दिया और अपने पति के तौर-तरीके को स्वीकार करके ही एक मां अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है' जैसे वाक्यों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जतायी गई। प्रश्न में कहा गया था कि 'महिलाओं को स्वतंत्रता मिलना अनेक तरह की सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का प्रमुख कारण है।' साथ ही कहा गया था, 'पत्नियां अपने पतियों की बात नहीं सुनती हैं जिसके कारण बच्चे और नौकर अनुशासनहीन होते हैं।' प्रश्नपत्र के ऐसे ही अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।